Thursday, 15 December 2016

वो शख्स ....

वो शख्स मेरी हर कहानी, हर कविता ,हर किस्से में आया,,,,,
जो मेरे दिल मे रहा सदा ,
मेरा हिस्सा होकर भी मेरे हिस्से में न आया..!!!
चाहता तो था की बस अब बता ही दूँ उसे दिल की बातें,
धोखा दे गया आज ये लब भी
जो दिल के जज़्बातों को भी कह न पाया । ।

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