ऐ नए साल तुम ऐसे आना |
हो खुशियाँ,उमंग,उल्लास सबके जीवन मे
न हो कटुभाव कमी मेरे मन मे |
सबसे जुडूँ,सबसे मिलूँ,
सबसे कहूँ,सबकी सुनूँ |
रूठ गए होगे जो कोई मुझसे
उून रिश्तो मे प्यार की पावन धारा बहा जाना ,
ए नए साल तुम एेसे आना |
कुछ आशिको का ईश्क परवान चढ रहा होगा |
देख कर उन्हे तिरछी निगाहो से
कुछ दिल जोर-जोर से धडक रहा होगा |
बोल दिए होंगे जिन्होंने उनसे दिल की बाते
पाने को जवाब उनका मन बहुत मचल रहा होगा |
कुछ उन्हे देखते होंगे, कुछ उनसे छिपते होंगे
किसी की राते गुजरती होंगी,करवटे बदलते
कुछ दिल के जज्बातों को कविताओं मे लिखते होंगे |
टूट गए होंगे दिल जिनके,आँखों से आँसु खुब बरसते होंगे
उन हसीन लम्हो को जीने को
वो बार-बार तरसते होंगे |
जोड़ देना तुम
दिल के उन टुटे तारो को,
लौटा देना
उन प्यार के बहारो को |
पल रहे होंगे जो अरमान हजारो दिलों मे
पंख उड़ान के, उन अरमानो को लगा जाना |
ऐ नए साल तुम ऐसे आना ||
कुछ राही मंजिल की राहो मे चल रहे होंगे,
कुछ परिंदे मंजिल पाने को मचल रहे होंगे,
रोक रही होंगी बाधाएँ उनको
फिर भी सर पर कफन बाँधे
काँटो पर टहल रहे होंगे ।
खा खा कर जिंदगी के थपेडे़
कुछ रूक चुके होंगे
कुछ टुट चुके होंगे |
देखते थे जो नित नए सपने कल के
रो-रोकर, उन आँखों के आँसु अब सुख चुके होंगे |
उदास सी हो गई है जो आँखे |
उदास सी हो गई है जो आँखे
उनमे एक नए सपनों की आश फिर से तुम जग जाना
ऐ नए साल तुम ऐसे आना ||
हो शांति, सौहादृय और अमन मेरे वतन में,
कोई बेकसुर अखलाक अब न पीटने पाऐ |
बहुत तकलीफ है उन बातों ने
अब किसी दामिनी की अस्मिता न लुटने पाए |
शिक्षित, स्वावलंब, मजबुत बने बेटियाँ अब हमारी
नीच, कुत्सित मानसिकता से भरा वो पापी
उन मासुमो तक न पहुँच पाए |
हर जाति, हर धर्म ,हर वर्णो को सम्मान मिले
बाँट न सके हमे कोई धर्म का ठेकेदार
ऐसा प्यारा हिन्दुस्तान मिलें |
जरूरतमंदो के लिए हजारों हाथ हो आगे
तुम,
सबके मन मे ऐसा सेवाभाव जगा जाना
ऐ नऐ साल तुम ऐसे आना ||
Wish you all a very happy new year 2017.
(Ravi Ranjan Yadav)
हो खुशियाँ,उमंग,उल्लास सबके जीवन मे
न हो कटुभाव कमी मेरे मन मे |
सबसे जुडूँ,सबसे मिलूँ,
सबसे कहूँ,सबकी सुनूँ |
रूठ गए होगे जो कोई मुझसे
उून रिश्तो मे प्यार की पावन धारा बहा जाना ,
ए नए साल तुम एेसे आना |
कुछ आशिको का ईश्क परवान चढ रहा होगा |
देख कर उन्हे तिरछी निगाहो से
कुछ दिल जोर-जोर से धडक रहा होगा |
बोल दिए होंगे जिन्होंने उनसे दिल की बाते
पाने को जवाब उनका मन बहुत मचल रहा होगा |
कुछ उन्हे देखते होंगे, कुछ उनसे छिपते होंगे
किसी की राते गुजरती होंगी,करवटे बदलते
कुछ दिल के जज्बातों को कविताओं मे लिखते होंगे |
टूट गए होंगे दिल जिनके,आँखों से आँसु खुब बरसते होंगे
उन हसीन लम्हो को जीने को
वो बार-बार तरसते होंगे |
जोड़ देना तुम
दिल के उन टुटे तारो को,
लौटा देना
उन प्यार के बहारो को |
पल रहे होंगे जो अरमान हजारो दिलों मे
पंख उड़ान के, उन अरमानो को लगा जाना |
ऐ नए साल तुम ऐसे आना ||
कुछ राही मंजिल की राहो मे चल रहे होंगे,
कुछ परिंदे मंजिल पाने को मचल रहे होंगे,
रोक रही होंगी बाधाएँ उनको
फिर भी सर पर कफन बाँधे
काँटो पर टहल रहे होंगे ।
खा खा कर जिंदगी के थपेडे़
कुछ रूक चुके होंगे
कुछ टुट चुके होंगे |
देखते थे जो नित नए सपने कल के
रो-रोकर, उन आँखों के आँसु अब सुख चुके होंगे |
उदास सी हो गई है जो आँखे |
उदास सी हो गई है जो आँखे
उनमे एक नए सपनों की आश फिर से तुम जग जाना
ऐ नए साल तुम ऐसे आना ||
हो शांति, सौहादृय और अमन मेरे वतन में,
कोई बेकसुर अखलाक अब न पीटने पाऐ |
बहुत तकलीफ है उन बातों ने
अब किसी दामिनी की अस्मिता न लुटने पाए |
शिक्षित, स्वावलंब, मजबुत बने बेटियाँ अब हमारी
नीच, कुत्सित मानसिकता से भरा वो पापी
उन मासुमो तक न पहुँच पाए |
हर जाति, हर धर्म ,हर वर्णो को सम्मान मिले
बाँट न सके हमे कोई धर्म का ठेकेदार
ऐसा प्यारा हिन्दुस्तान मिलें |
जरूरतमंदो के लिए हजारों हाथ हो आगे
तुम,
सबके मन मे ऐसा सेवाभाव जगा जाना
ऐ नऐ साल तुम ऐसे आना ||
Wish you all a very happy new year 2017.
(Ravi Ranjan Yadav)
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