Monday, 24 April 2017

अब रुकना नहीं बस ।। Ravi Ranjan Yadav



 कभी कभी ऐसा होता  है जब आप सब कुछ भूल भालकर एक अच्छा इंसान  बनना चाहते हैं ।दूसरों की गलती को भी अपनी गलती मान लेते हैं ।  आप ये जानते हैं, आप ये समझते हैं की सारी गलती सामने वाले की है फिर भी आप अपने आप को समझा लेते हैं , लेकिन आप अपने आप को सही proof  नहीं कर पाते ।
और सबके साथ ऐसा होता  है । खासकर उनके साथ तो बिल्कुल ही जो , अपनी life  मे वहाँ नहीं पहुच पाए हैं जहां के लिए वो बने हैं । तो  अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो कोई बात नहीं। अभी तो बहुत कुछ होना  बाकी है । अभी कुछ लोगों को आप बेकार लगेंगे, कुछ लोग बोलेंगे की आप फालतू बोलते थे। कुछ लोग आपको डींग हाँकने वाला बोलेंगे । और भी बहुत कुछ । कुछ वैसे भी होंगे जो वैसे तो आपके  बड़े दोस्त होने का वादा करते थे जब आप उनके लिए काम आते थे,, लेकिन अब जब  उन्हे ऐसा लगता है की अब आप बेकार हो  गए हैं उनके  लिए किसी काम के नहीं । और एक बात बताऊँ ऐसे लोगकोई दूसरे नहीं होते आप ही के दोस्त, आप ही के रिश्तेदार, आप ही के कोई खास जिसे शायद आप खास समझते  रहे  ।
होता है । होता है ऐसा । एक बार सफल हो जाओ , तांता lलग जाएगा लोगों का ,, और खासकर fake लोगों का । अब बस fail  हो जाओ एक बार देखो कितने लोग रहते है पास । वही रहेंगे  जो सच मे real  हैं एण्ड आप से उन्हे कुछ नहीं चाहिए।
तो क्या करें ऐसे हालात में ??
कुछ नही  ।
हाँ कुछ नहीं ।कर भी क्या सकते हैं हम ??
whatsapp uninstalll  करो, facebook   की अकाउंट deactivate  करो और चले जाओ कहीं दूर या गायब हो जाओ कुछ दिनों के  लिए  । गायब ही हो जाओ । जगाओ अपनी पुरानी शक्तियों को । लगा दो अपनी पूरी ताकत अपना एक नया अस्तित्व गढ़ने में । कोई कसर ना रह पाए इस बार।  एडी चोटी एक कर दो । घुसेड़ दो अपने आप को किताबों  के  बीच । बस  अपने लिए जिओ। अपने लिए करो ।  उड़ाने वालों को उड़ाने दो मज़ाक ।  करने दो तुमसे किनारा । मनाने दो खुशी उन्हे । खुशी नहीं है अभी आपके नसीब में । लेकिन होगी । जरूर होगी । इंतज़ार करो आप। एक यही जरिया है । धैर्य ही एक विकल्प है । खुशी की चिंता मत करो । आप तो अब जश्न की तैयारी करो । खामोश रहकर । चुपचाप। कुछ ना कहो किसी से, कुछ मत बताओ किसी को ।  बस करते जाओ । निरंतर । बिना थके । बिना रुके।  कुछ ऐसा कर के सामने आओ की जब आओ तो बस तुम्हारी बात हो। तुम्हारे चर्चे हो  जो छोड़  कर गए थे ना उनकी औकात ना हो की आपके सामने आकार खड़े हो सके । कुछ ऐसा करना । कुछ ऐसा बनना। बन गए तो आना वरना कभी नहीं। कर गए तो दिखना सामने वरना इस दुनिया के भीड़ मे गुमनाम हो जाना कहीं । क्यूंकी बिना कुछ की अगर आ गए फिर से उनके सामने जिन्होंने कभी आपको ठुकराया था  तो न्याय नहीं कर पाओगे अपने आत्मसम्मान के साथ। जी नहीं पाओगे अपने अस्तित्व के साथ।
तो निर्णय अब आपके हाथ मे है । चलना है की ठहरना है । भीड़ का हिस्सा बनकर अपना सिर शर्म से झूककर उनके सामने खड़ा होना है सफलता का सिरमौर हासिल करना है । उन सब की बातों का, उन सब की करतूतों को याद कर रोना है की उनकी एक एक बातों को दिल मे बस कर रखना है और फतह करनी है मंजिल । जिन्होंने आपके अस्तित्व पर सवाल उठाया था उन्हे सबक सिखाना है कि  ये बताना है कि हाँ आपने सही कहा था । मुझमे नहीं है कोई काबिलियत । मै एक जिंदा लाश हूँ यहाँ जिसका कोई मंजिल , कोई लक्ष्य नहीं है।
जाहिर  सी बात है हम दूसरा option चुनेंगे। अब करेंगे वो सबकुछ जो हमे करना है । लड़ेंगे सबसे। अपने दर्दों से, यादों से, सपनों से और अपने आप से।
हो सकता है किसी और को विश्वास ना हो हम पर हमे तो है। हो सकता है कोई और काबिल ना मानता हो हमे, हम तो मानते हैं । हो सकता है ज़ीरो हो सबके लिए हम, अपने लिए तो हीरो हैं ।  तो हाँ बस हमारे लिए सिर्फ वही चीजें matter  करती है जो जो हम सोचते है अपने बारे में। हम वही करेंगे जो हम चाहते हैं । हम उसी रास्ते पर चलेंगे जिस पर चलने को हमने ठाना है । चाहे सरपट दौड़ लगते हुए अपने मंजिल को पा जाएं  या फिर मंजिल के चाह    में दौड़ते हुए गिर कर लहूलुहान हो जाएं ।  निर्णय अपना है, सपने अपने हैं । जहां भी होंगे स्वीकार्य होगा। जैसे भी होंगे एक संतुष्टी होगी कि हाँ भले ही आज वहाँ नहीं पहुच पपाए  हैं हम जहां पहुंचना चाहते थे लेकिन कोशिश तो किया । और भरपूर कोशिश किया। जान लगा कर मेहनत किया। और सबसे बड़ी बात जो मन किया, हमने वो किया। सोसाइटी के गुलाम नहीं बने, किसी के कहने पर अपने लक्ष्य को नहीं बदला । जो किया सीना ठोक  कर किया ।  लेकिन एक बात तो तय  है कि , जो भी decision  है वो फाइनल है । कोई कुछ भी  कहे, कुछ भी हो । अब तो ठान  लिए हैं  । अब तो बस अगर सठिया गए हैं तो फोड़ीए  के मानेंगे ...चाहे कुछ भी हो जाए । । अब रुकना नहीं है । चलते जाना है । तब तक जब तक हम को ही हम पर गुमान न हो जाए । गर्व न हो जाए ।
(Contains Bhojpuri  accent  so please dont expect pure Hindi)










2 comments:

  1. Your blogs are really relatable to us ..it really gives us motivation to study .it is like a therapy which empower us to work hard and achieve our Target ✌️

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    1. I don't know who are you.. But whoever u are.. Thank you very much.. Will keep writing :)

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