बहुत दिनों से कुछ लिखा नही । थोड़ा busy भी था और लिखने लायक कुछ हुआ भी नही ।कई बार ऐसा होता है कि आपके लाइफ में कुछ ऐसी चीजें होती हैं जिसे लिख लेने के बाद ही आपको सुकून मिलता है ।और खासकर उनके लिए जो expressive नही है ।जो किसी से कोई ज्यादा बातें नही करते । बस उतना ही जितना जरूरत हो ।और ऐसे लोग जो एक्सप्रेसिव नही है न जाने क्यों बूत मुझे ज्यादा पसंद हैं । शायद मैं भी उसी केटेगरी का हूँ इसीलिए ।
लेकिन मेरा मानना है कि इतनी कुव्वत तो होनी चाहिए हममे की हम अपनी भावनाओं को, विचारों को कंट्रोल कर सके । इतनी तो कुव्वत होनी ही चाहिए हममे की अपनी हर चीजों का प्रदर्शन न करे । थोड़ा सा खुश हुए तो सबको पता हो कि आप खुश है ।थोड़े गम क्या मिले, लगा जैसे दुनिया ही खत्म । भावनाओं की अभियक्ति मेरे ख्याल से आपको कमजोर बनाती है । शांत और गंभीर लोग भावनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत होते है । आपके अंदर जितने राज़, जितने गम, जितनी पीड़ा भारी रहती है, आपके अंदर उतना आग धधकते रहता है । भावनाओं का प्रदर्शन आपको छिछला बना देता है ।शांत और गंभीर लोग काफी गहरे होते है । अगर आपके अंदर दर्द है, गम है, घाव है, टूटे है अंदर से, मार गया है आपके अंदर का कुछ,तो सहिए । आने अंदर दबा कर रखिए । किसी को मत बताइए ।किसी से मत कहिए । बस असह्य होने लगे तो लिख लीजिए कही । चाहे किसी ने कुछ कहा हो, चाहे किसी ने कुछ किया हो, कुछ भी हो वजह ।।दर्द को अपना लीजिए ।गम को सहन कीजिए ।यही सारी चीज़े हैं जब कल आपको motivation की जरूरत पड़ेगी तो काम आएगी । आपके अन्दर आग भर देंगी ।आप किसी भी हद तक जाएंगे अपने मंज़िल के लिए ।कोई कुछ भी कहे फर्क नही पड़ेगा आपको, आपके अंदर already उससे ज्यादा दर्द है ।अगर ज्यादा दर्द मिले तो फिर उसे अपनाइए । उसे लेकर आगे बढिए । प्यार कीजिए उस दर्द से ।संभाल कर रखिए उस चोट को । आगे बढ़ने में बहुत सहायता मिलेगा । दर्द ही है गम ही है जो ज़िन्दगी भर आपके साथ रहेगा, बाकी अच्छी चीज़े कहाँ परमानेंट है ।।
चलिए,मिलते है आपसे फिर कभी ।
लेकिन मेरा मानना है कि इतनी कुव्वत तो होनी चाहिए हममे की हम अपनी भावनाओं को, विचारों को कंट्रोल कर सके । इतनी तो कुव्वत होनी ही चाहिए हममे की अपनी हर चीजों का प्रदर्शन न करे । थोड़ा सा खुश हुए तो सबको पता हो कि आप खुश है ।थोड़े गम क्या मिले, लगा जैसे दुनिया ही खत्म । भावनाओं की अभियक्ति मेरे ख्याल से आपको कमजोर बनाती है । शांत और गंभीर लोग भावनात्मक रूप से ज्यादा मजबूत होते है । आपके अंदर जितने राज़, जितने गम, जितनी पीड़ा भारी रहती है, आपके अंदर उतना आग धधकते रहता है । भावनाओं का प्रदर्शन आपको छिछला बना देता है ।शांत और गंभीर लोग काफी गहरे होते है । अगर आपके अंदर दर्द है, गम है, घाव है, टूटे है अंदर से, मार गया है आपके अंदर का कुछ,तो सहिए । आने अंदर दबा कर रखिए । किसी को मत बताइए ।किसी से मत कहिए । बस असह्य होने लगे तो लिख लीजिए कही । चाहे किसी ने कुछ कहा हो, चाहे किसी ने कुछ किया हो, कुछ भी हो वजह ।।दर्द को अपना लीजिए ।गम को सहन कीजिए ।यही सारी चीज़े हैं जब कल आपको motivation की जरूरत पड़ेगी तो काम आएगी । आपके अन्दर आग भर देंगी ।आप किसी भी हद तक जाएंगे अपने मंज़िल के लिए ।कोई कुछ भी कहे फर्क नही पड़ेगा आपको, आपके अंदर already उससे ज्यादा दर्द है ।अगर ज्यादा दर्द मिले तो फिर उसे अपनाइए । उसे लेकर आगे बढिए । प्यार कीजिए उस दर्द से ।संभाल कर रखिए उस चोट को । आगे बढ़ने में बहुत सहायता मिलेगा । दर्द ही है गम ही है जो ज़िन्दगी भर आपके साथ रहेगा, बाकी अच्छी चीज़े कहाँ परमानेंट है ।।
चलिए,मिलते है आपसे फिर कभी ।

Love you sir ♥️
ReplyDelete💞😚💞
True lines.।....
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