Wednesday, 7 December 2016

असफल लोगों के लिए....

 1- जिंदगी में नाकामयाबी पाने के बाद आत्ममंथन की जरूरत होती है ना कि नाकामयाबी का ठीकरा व्यवस्था, चैक-जैक या परिवेश पर फोड़ने की। आप यकीन करें कि जिंदगी ख़त्म नहीं हुई है। बहुत कुछ है आपके पास स्वयं को साबित करने के लिए। चाहे आपका यह पहला प्रयास हो या चाहे अंतिम अवसर। जिंदगी आपकी है। परीक्षा देने का निर्णय आपका था और आप यह बात पहले से ही जानते थे कि प्रत्येक पेपर देने वाला सफल नहीं होगा। आप दो-तीन आत्मविश्लेषण करके पुनः तैयारी में जुटिए। सभी लोग सभी चीजें पहली बार में ही नहीं पा लेते हैं। ये भी ध्यान रखिएगा कि कामयाबी के कई सालों के बाद कोई नहीं पूछता है कि आपने कौनसे प्रयास में सफलता प्राप्त की थी। असली इम्तिहान तो अब है आपका। एक या दो या कुछ नाकामयाबियों के बाद जब आप थक जाते हैं तो शायद आप चंद कदम दूर मौजूद कामयाबी से सदैव वंचित रह जाते हैं। अपनी किताबें, नोट्स, स्टडीरूम और अपने माता-पिता सब से एक वायदा करें कि आप असफल भले ही हुए हैं मगर टूटे नहीं हैं। नाकामयाबी के बाद जब आप कामयाब होंगे तो इसका सुरूर और मज़ा कई गुना ज्यादा होगा। यही जिंदगी है। हारकर थकने वालों को कोई याद नहीं रखेगा। ठीक समझें तो कुछ दिन कहीं घूमने चले जाएं या फिर किसी पुरानी हॉबी पर काम करें। रिफ्रेश होकर जुट जाएं। फिर से कुछ सपने सजाएं और वापिस मैदान में आ जाएं।


2 - मलाल के साथ जिंदगी जीना सबसे बड़ी सज़ा है। आप अगर थक जाएंगे या तैयारी छोड़ देंगे तो फिर कुछ सालों के बाद एक बात हमेशा कचोटती रहेगी कि काश एक साल और ढंग से मेहनत की होती। आपके पास अब अनुभव है, एक चोट है और सच होने के लिए बेताब सपने हैं। आप कर सकते हैं। खुद से मज़बूत वायदा करें। एक इंसान वो सारे काम कर सकता है जिसे एक इंसान पहले कभी कर चुका  हो


3- एक ही कमरे में या एक साथ तैयारी करने वाले मित्रों में कुछ का चयन हो जाता है तो कई बार ज्यादा निराशा होती है। विशेषकर जब आप आपस में चर्चा करते थे तो वह लड़का या लड़की जिसका चयन हुआ है, वह हमेशा आपसे कमतर रहता था। विनम्रता से स्वीकारें कि परीक्षा हॉल में या साक्षात्कार में निश्चित ही उसकी मानसिक दृढ़ता आपसे मज़बूत साबित हुई है । इसीलिए उसकी ख़ुशी में मन से शामिल होएं और इस बात की कद्र करें कि तीन चरणों की परीक्षा में उसने आपसे बेहतर परफॉर्म किया है। संभव हो तो बारीकी से नोट करें कि किस तरह उपलब्धियां सबकुछ बदल देती हैं। इससे आपको प्रेरणा मिलेगी। ताने-उलाहने या तंज मिलें तो परवाह मत करें। ज्यादातर असफलता की कहानियां इन्हीं सब बातों से ही बन जाती हैं। एक बार अतीत की रील चलाइए। बहुत कुछ छूटा होगा आपसे। जिंदगी निर्मम है फिर भी खूबसूरत है। बहुत कुछ पाने को, सुनाने को और साबित करके दिखाने को।
                                    मैं इस बार परीक्षा में असफल हुए मित्रों को अगली बार परिणाम आते ही बधाई देने के लिए बेसब्र हूँ। आपके माता-पिता, परिवार के लोग और सभी मित्रों के साथ मैं भी आपको वापिस जी-जान से तैयारी में जुटता हुआ और फिर कामयाब होते हुए देखने के लिए बेताब

(From the post of Jitendra kumar soni sir, IAS Officer)

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