Friday, 1 June 2018

तुमने कहा था ।। Ravi Ranjan Yadav ||



मेरे हाथों में smiley बनाते बनाते ,
मुझे सुबह सुबह हर रोज़ फूल देकर
थोड़ी सी भी चिंता होनर पर,
मेरे कन्धों पर सो कर ।
मेरे फ़ोन को अपने हांथो में पकड़कर कहा था तुमने मुझसे
कि अच्छा लगता हूँ मैं तुम्हे ।
कि कभी भूल नही सकते मुझे तुम।
कि संभव नही ये दोस्ती टूट जाए ।
कि कभी हो नही सकता कि हम छूट जाए ।
कि हमेशा याद रहूंगा मैं तुम्हे ।
कि हरदम आएंगे हसीन लम्हे ।
कि कोई रोक नही सकता हमे ।

तो बताओ न आज
क्यों दूर हो गए हो मुझसे ।
क्यों नही आतीं यादें हमारी।
क्यों नही होती घंटों बात ।
क्यों नही बनाती तुम वो स्माइली लेकर अपने हाथों में मेरा हाथ ।
क्यों नही कहती तुम मुझसे की मुझे वो परेशान करता है !
क्यों नहीं कहती अब तुम की तुम्हारा दिल अब मेरे पास ही रहता है ।
आखिर क्यों रूठे हो मुझसे, बताओ न  ।
रोता रहता हूं तेरे यादों में, आओ मुझे समझाओ न ।
ये लो मेरे हाथ, लेकर अपने हाथों में फिर से एक स्माइली बना दो ।
सो रहा हूँ फिर से मैं, कहकर गुड मॉर्निंग फूल मेरे हाथों में थमा दो ।
जीता हु बस अब तेरे यादों के सहारे आओ न वो अब बतला दो कि क्या थी असलियत उसकी,
जो तुमने कहा था ।।

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