Sunday, 9 September 2018

IAS, IPS अब सुसाइड कर रहे हैं । वजह चाहे जो भी हो । मतलब साफ है । खुशी का पद, पैसा और पहुच तक कोई दूर दूर तक नाता नही है ।

Usually ऐसा देखा जाता है कि जो लोग हमसे दूर होते हैं, या अच्छे ओहदे पर होते हैं हम उन्हें ज्यादा खुश, ज्यादा संतुष्ठ मान लेते हैं ।अपने आप को कम आंकने की आदत सी पैड गई है हमे । अगर हम भी उसी जगह पर पहुँच जाए तो फिर से हम एक frame of reference तय करते हैं जहां से हम अपने आप को कम आँक सके । ज्यादा experience तो नही है, लेकिन हां इतना समझ आ गया है कि जो जहां है अगर वहीं संतुष्ट रहे, आगे के लिए मेहनत करते रहे तो बेस्ट है ।और हां हीरो तो हर फील्ड में होते हैं ।चाहे कोई भी फील्ड हो।


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