चार साल,चालीस पेपर,हज़ारों आसाइमेन्ट,कई प्रोजेक्ट और डिग्री एक ,नाम है इंजीनियरिंग ।।
एक अलग दुनिया, एक अलग कोर्स,एक अलग जहाँ । जो सिर्फ वही समझ सकता है जिसने इंजीनियरिंग की हो ।ये इंजीनियरिंग ज़िन्दगी के चार साल नही लेती बल्कि चार साल की एक ज़िन्दगी देती है , एक ऐसी ज़िन्दगी जिसे बहुत कम लोग जी पाते हैं, अगर मौका मिला भी तो बहुत तो समझ ही नही पाते ।
और तो और मैं देखता हूँ कुछ जाहिल केटेगरी के विद्वानों को जो इंजीनियरिंग का E नही जानते , लेकिन जब प्रवचन देना शुरु करेंगे तो बात ही यहीं से शुरू होगी,की इंजीनियरिंग में अब कोई स्कोप नही रहा ।।और देखो इन्हें,पूछो इनसे इनकी डिग्री तो मालूम चले कि दूसरों की बुराई के अलावा , दूसरों को नीचा दिखाने के अलावा इनका कोई काम नही है ।मैंने तो नही देखा एक भी बर्बाद इंजीनियर । और अगर वह सच मे बर्बाद है तो उसने इंजीनियरिंग की ही नही ।
इंजीनियरिंग मेहनत करना सीखाती है, लड़ना सिखाती है, संघर्ष करना सिखाती है ,जीना सीखाती है, अपने बल बता में कुछ कर दिखाने का जज्बा देती है ।ज़िन्दगी से भागना एक इंजीनियर की पहचान नही हो सकती ।
इंजीनियर का स्कोप नही रहा । बोलने से पहले एक बार अपने मूढ़ दिमाग से सोच तो लेते । अगर इंजीनियर का स्कोप नही है तो किसका है? एक्टिंग, राइटिंग, क्रिकेट, राजनीति, upsc,टीचिंग, फोटोग्राफर ,जहां देखो वहीं engineers हैं । टॉप लिस्ट उठा कर देखिए किसी भी फील्ड में। बोला किसी भी फील्ड में ।।
और एक बात खड़ा किजिए एक इंजीनियर को और एक नार्मल BSC, B.Com,B. A वाले को देख कर डिफरेंस ना समझ आ जाए तो कहना ।ठीक वही फीलिंग आएगी जो एक आर्मी वाले को और स्टेट पुलिस से compare करने पर आती है ।
हज़ारो लाइन्स कम पड़ेंगे ,एक इंजीनियर को रिप्रेजेंट करने के लिए । माना कुछ लोगों के लिए नालायक है वो मगर उसे पता है अपनी capability. लोग भले न विश्वास करते हो उस पर,अपने हर कदम पर विस्वास है उसे ।उसे पता है विनर है वह, जीतेगा आज नही तो कल। और हां, पड़ोस वाले अंकल ।अगली बार संभाल के । रगड़ने में भी इंजीनियर का कोई तोड़ नही ।।
तो इस धरती के अजीब प्राणियों के कौम जिसे लोग इंजीनियर कहते है,अभियंता दिवस (Engineers Day ) की हार्दिक बधाई ।।
#Engineers_Day
एक अलग दुनिया, एक अलग कोर्स,एक अलग जहाँ । जो सिर्फ वही समझ सकता है जिसने इंजीनियरिंग की हो ।ये इंजीनियरिंग ज़िन्दगी के चार साल नही लेती बल्कि चार साल की एक ज़िन्दगी देती है , एक ऐसी ज़िन्दगी जिसे बहुत कम लोग जी पाते हैं, अगर मौका मिला भी तो बहुत तो समझ ही नही पाते ।
और तो और मैं देखता हूँ कुछ जाहिल केटेगरी के विद्वानों को जो इंजीनियरिंग का E नही जानते , लेकिन जब प्रवचन देना शुरु करेंगे तो बात ही यहीं से शुरू होगी,की इंजीनियरिंग में अब कोई स्कोप नही रहा ।।और देखो इन्हें,पूछो इनसे इनकी डिग्री तो मालूम चले कि दूसरों की बुराई के अलावा , दूसरों को नीचा दिखाने के अलावा इनका कोई काम नही है ।मैंने तो नही देखा एक भी बर्बाद इंजीनियर । और अगर वह सच मे बर्बाद है तो उसने इंजीनियरिंग की ही नही ।
इंजीनियरिंग मेहनत करना सीखाती है, लड़ना सिखाती है, संघर्ष करना सिखाती है ,जीना सीखाती है, अपने बल बता में कुछ कर दिखाने का जज्बा देती है ।ज़िन्दगी से भागना एक इंजीनियर की पहचान नही हो सकती ।
इंजीनियर का स्कोप नही रहा । बोलने से पहले एक बार अपने मूढ़ दिमाग से सोच तो लेते । अगर इंजीनियर का स्कोप नही है तो किसका है? एक्टिंग, राइटिंग, क्रिकेट, राजनीति, upsc,टीचिंग, फोटोग्राफर ,जहां देखो वहीं engineers हैं । टॉप लिस्ट उठा कर देखिए किसी भी फील्ड में। बोला किसी भी फील्ड में ।।
और एक बात खड़ा किजिए एक इंजीनियर को और एक नार्मल BSC, B.Com,B. A वाले को देख कर डिफरेंस ना समझ आ जाए तो कहना ।ठीक वही फीलिंग आएगी जो एक आर्मी वाले को और स्टेट पुलिस से compare करने पर आती है ।
हज़ारो लाइन्स कम पड़ेंगे ,एक इंजीनियर को रिप्रेजेंट करने के लिए । माना कुछ लोगों के लिए नालायक है वो मगर उसे पता है अपनी capability. लोग भले न विश्वास करते हो उस पर,अपने हर कदम पर विस्वास है उसे ।उसे पता है विनर है वह, जीतेगा आज नही तो कल। और हां, पड़ोस वाले अंकल ।अगली बार संभाल के । रगड़ने में भी इंजीनियर का कोई तोड़ नही ।।
तो इस धरती के अजीब प्राणियों के कौम जिसे लोग इंजीनियर कहते है,अभियंता दिवस (Engineers Day ) की हार्दिक बधाई ।।
#Engineers_Day

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