हाँ . हर दिलों मे होते हैं कुछ ख्वाब । हर आँखों मे होते है कुछ सपने । हर कोई चाहता है कि बचपन से लेकर आज तक जिन चीजों के बारे मे हम सोचते आए हैं, वो मुक्कमल हो । इस धरा पर उतरे । और ये ख्वाब सबके लिए अलग होते है । सबके लिए जुड़ा । कुछ लोगों के लिए एक अच्छी जॉब हो सकती है उनका ख्वाब , कुछ लोगों का होता है अपने सच्चे प्यार की चाहत । कुछ का होता है उन सपनों को पाना जो उनके माता पिता के द्वारा तब देखा गया था जब उन्होंने पहले पहल बार अपने लाडले को गोद मे उठाया था और सोचा था की एक दिन मेरा बेटा उन सपनों को जिएगा और हमारा सहारा बनेगा , तो कुछ वैसे होते है जिनके सपने सिर्फ उन तक सीमित नहीं होते । वो दूसरों के लिए जीना चाहते है . खैर, कुछ भी हो सबके पास सपने है, भले ही अधूरे ।लेकिन हैं।और दिल में एक उम्मीद की किरण है की ये सपने कभी सच्च होंगे .
लेकिन कभी कभी जब हमारे वो सपने दूर होते होने लगते हैं न, जब लाख कोशिशों के बावजूद भी जब हमारा लक्ष्य अधूरा सा जान पड़ता है न तब दिल में बड़ी तकलीफ होती है । ऐसा लगता है को सबकुछ छोड़ छाड़ के वापस चल जाए । लेकिन क्या ये समस्या का हल है?? क्या हम इसी लिए चले थे कि अगर कुछ दिन तक प्रयतन करने के बाद नहीं होगा तो हम वापस लौट जाएंगे ??
क्या हम भी अपने आप को हारे हुए लोगों की पंक्ती में देखना चाहते है ??
और क्या जब सारी दुनिया हमे धिक्कारेगी तो हम अपने सिर नीचे कर के अपने आप को कोसते रहेंगे ???
नहीं । बिल्कुल नहीं।
बिल्कुल भी नहीं।
अरे हम तो विजेता हैं ऐसा मान कर चलेंगे । हमारे मन मे एक दृढ़ विस्वास होगा की हम पहुचेंगे मंजिल पर । बस दो कदम और। और वक दिन आएगा ऐसा जब हमारे सपने, हमारी ज़िंदगी जो हम जीना चाहते हैं , हमारा प्यार जिसे हम पाना चाहते है , सबकुछ होगा हमारे सामने ।।
ऐसा विस्वास लेकर चलने से न मन मे एक उमंग राहत है,एक जोश होता है दिल मे ।एक अलग ही शक्ति काम करने लगती है हमारे लिए।
सच्च है यह ।
देखिए अपने चारों ओर ।दिख जाएंगे आपको कई इंसान जो सफलता की इबारत लिख चुके है । जो अपनी मंजिल को अपने कर्मों के बल पर, अपने मेहनट के बल पर अपने जोश और जुनून से अपने कदमों मे झूका चुके हैं ।एक चीज था उन सब मे common कि वे अपने को पहले से ही सफलता का हकदार मानते थे । पहले से ही अपने को विजेता मान चुके थे ।

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